Childhood Memories : Part -1 (बचपन की यादें भाग -1)
बचपन की यादे। भाग -१ ललक : विद्यालय की प्रार्थना सभा के तालियों की गूज ” समेट लो इन नाजुक पलो को , ना जाने ये लम्हें कल हो न हों हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन लम्हो में हम हो ना हो “ “उस दिन शाम को जब मेरी मां ने इस घटना के बारे में पूछा तो डरते हुए सभा की मैंने पूरी बात बताई ,मुझे यह डर था कि कहीं इन बातो को लेकर मेरी मां मुझसे नाराज ना हो जाय । “ मैं के .ब्राम्ही कक्षा नौ की छात्रा हूं, मेरी यह स्मृति बचपन की यादों में से घटी हुई कई घटनाओं में से यह एक यादगार घटना है। सन् 2010 की बात है ,मै उस समय उत्तर प्रदेश के अमेठी क्षेत्र में स्थित …














