TIME : समय

                                 
TIME
 
                            

“समय नि: शुल्क है, लेकिन यह अनमोल है।  आप इसे अपना नहीं सकते, लेकिन आप इसका उपयोग कर सकते हैं।  आप इसे रख नहीं सकते, लेकिन आप इसे खर्च कर सकते हैं।  एक बार जब आप इसे खो देते हैं तो आप इसे कभी वापस नहीं पा सकते।”   
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“रिश्ता मोमबत्ती और उसके लौ में होता है ,हमारा और समय का भी वही रिश्ता है।”

                                               

समय का पहिया चलता जाता, किसी को यह क्यों समझ न आता।
समय ही सबसे है बलवान, समय के पहले कुछ ना पाता।।

जब से तूने जन्म लिया,सब समय मुताबिक़ चलता आया।
फिर भी इतने पहर काट कर, समय से वाकिफ हो ना पाया।।

तेरे जैसे लाखो है जो, समय से बढ़कर चलना चाहें।
सूट बूट में घूम रहे है, समय समेटे सबकी बाहें।।

सब कुछ पा कर खो बैठा है, समय से आगे जो भी भागे।
समय बुरा तो टूट कर बिखरें , रिश्तों जैसे पक्के धागे।।

जा उस राम का वंदन कर,जो समय को सबसे अच्छा जाने।
मर्यादा की मूरत हैं वो , निंदा का भी बुरा ना माने।।

धैर्य रख कर कर्म जो करता, उससे ना कोई जीत है पाता।।
समय ही सबसे है बलवान, समय के पहले कुछ ना पाता।।


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 रचनाकार :
अविरल शुक्ला
संपादक
रीतेश कुमार सिंह





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Reena Singh
Founder & Lead Writer at A New Thinking Era
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Reena Singh is the founder of A New Thinking Era — a motivational writer who shares self-help insights, success habits, and positive stories to inspire everyday growth.

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