Childhood Memories : Part -4 ( बचपन की यादें :भाग -4 )

” ख़ामोशी “ क्या महत्वकांछाएं परिस्थितियों से भी बढ़ कर हैं ? (Silence: Are the wishes are more important than the circumstances ?)                        ‘‘ कई बार हम बिना कठिनाइयों को समझे ही उसका हल लेके तैयार रहते हैं ,कभी कभी ऐसे व्यक्तियों के बारे में  मै  सोच के एक अजीब से उलझन में पड़ जाता हूँ ।                        प्रिय पाठको ,बचपन की याद भाग – 4 में ,मैं आपसे एक  ऐसे याद को शेयर करना चाहता हूं जो मीठी तो नहीं है किन्तु आज के अभिभावको के लिए बहुत ही अच्छा सबक  है। ऐसा कई बार होता है कि हम सोचते कुछ और हैं और उसका परिणाम कुछ और ही आता है और जब परिणाम हमारे  सामने होता है   तब तक समय हमारे हाथों से निकल चुका होता है।             …

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POETRY : A HOPEFUL FATHER

आशान्वित पिता A Hopeful Father  ” ऐसा कहा गया  है की जन्मदाता ही हमारे पहले गुरु हैं। एक ऐसा व्यक्ति जो हमारे छोटी सी खुशी के लिए अपनी सारी खुशियो का बलिदान दे देता   हैं , परिवार के ऊपर परेशानियों की छाया आने से पहले ही वह ढल बन के खड़ा हो जाता हैं। जी हा , मै उसी मजबूत सहारे की तरफ इशारा कर रहा हूँ। वो एक पिता ही हो सकता हैं। “ आंख खुली तो मैंने पाया, मां का साथ पिता की छाया। मां की ममता चीज़ अनोखी, याद किया जब भी घबराया।। मां की गोद में खेला करता, चलना मुझें  पिता ने सिखाया। बीत गए दिन बड़े हो गए, बाप बराबर बेटा आया।। बाप ने सोचा खुद समझेगा, बेटा करता था मनमानी। माफ़ कर देता था वो अक्सर, समझ के उसकी नादानी।। नादानी में अनजाने में, भूल बड़ी कर बैठा था। मां ने जितना हो सकता,हर गलती को समेटा था।। …

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TIME : समय

                                  TIME  ⏳⏳⏳                              “समय नि: शुल्क है, लेकिन यह अनमोल है।  आप इसे अपना नहीं सकते, लेकिन आप इसका उपयोग कर सकते हैं।  आप इसे रख नहीं सकते, लेकिन आप इसे खर्च कर सकते हैं।  एक बार जब आप इसे खो देते हैं तो आप इसे कभी वापस नहीं पा सकते।”    🕯️🕯️🕯️                        “रिश्ता मोमबत्ती और उसके लौ में होता है ,हमारा और समय का भी वही रिश्ता है।”                                                 समय का पहिया चलता जाता, किसी को यह क्यों समझ न आता। समय ही सबसे है …

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POVERTY : गरीबी

                                                                            गरीबी                                 POVERTY            “यह कविता गरीबी के विभिन्न आयामों को दर्शा्ती  र्हैं। “   मनु के जन्म से आज दिवस तक, यह है सबसे विकट विकार। हर शहर हर गांव में दिखती, हर ओर गरीबी अपरम्पार।। यदि कोई जन्म से ठाठ में रहता, वृद्धावस्था में बदलाव। सब कर्मो का फल है प्यारे, बदल गए जो मन के भाव।। बड़े-बड़े महलों में रहकर, वे सुख-चैन को तरसें। कुटिया में भी भोज उत्सव, जब मां अपने हाथ से परसें।। चाहे जितना हो सम्पन्न, गरीबी यह सब की है आती। तीन पहर जो भोजन करता, कभी भूखे …

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Poetry : Our New section (कविता)

           कविता: हमारा नया खंड ( Poetry: Our New section )                         आप सभी को मेरा नमस्कार, आज मैं अपनी वेबसाइट में एक नया खंड जोड़ने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं, जिस पर मैं काम कर रहा था। यह नया खंड “कविता” है। मुझे आशा है कि आप इस अनुभाग का आनंद लेंगे और अपना प्यार और समर्थन देंगे।              मेरे जेहन में  कुछ पंक्तयां याद  आ रही है, उसे मै आप के सामने रखता हुं। ” अभी तो इस बाज  की असली उड़ान बाकी है      अभी तो इस परिंदे का इम्तहान बाकी हैं  अभी तो मैंने लांघा है समुंदर को अभी तो पूरा आसमान बाकी हैं। “ मै उम्मीद रखता हूं कि हमारा ये खंड जो की कविताओं और लेखन पर है ,आपको पसंद आयेगा। इन्हें आपका …

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Childhood Memories : Part -3 (बचपन की यादें भाग -3)

Childhood Memories : Part -3 (बचपन की यादें भाग -3)                                               कटाक्ष :एक घटना जो आपके लिए प्रेरणा बन जाए                                                             😃😃😃                          पिछले दो भागों को आपने काफी सराहा है ,और अपने बचपन के अनमोल यादो को भी साँझा किया हमारे साथ उसके लिए हम आपके  बहुत आभारी है। …..                           आज मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि कभी कभी जीवन में घटने वाली कुछ एक घटनाएं ऐसी होती है …

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